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नए साल में महंगाई की मार: जनवरी से महंगे हो जाएगी एलईडी टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन, जानिए आम आदमी की जेब पर क्या असर पड़ेगा

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नई दिल्ली2 मिनट पहले

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  • अलग-अलग कैटेगरी वाइज एलजी प्रोडक्ट्स 800 से 18 हजार रु. तक महंगे हो सकते हैं
  • पैनासोनिक के प्रोडक्ट्स अलग-अलग कैटेगरी वाइज 1200-17 हजार तक महंगे हो सकते हैं

ऑटो उद्योग के बाद अब होम अप्लायंसेस सेगमेंट ने भी अपने प्रोडक्ट्स की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से एलईडी टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स 10 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं। इसकी वजह कॉपर, एल्युमिनियम, स्टील जैसे धातुओं की कीमतों में तेजी और कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी को बताया जा रहा है। एलजी, पैनासोनिक और थॉमसन जैसे निर्माता जनवरी से अपने प्रोडक्ट के दाम बढ़ाने जा रहे हैं।

कितना बड़ा है होम अप्लायंसेस का मार्केट, कीमतें बढ़ने से आम जनता पर क्या असर पड़ेगा, चलिए समझते हैं…

1. टीवी का शिपमेंट 2019 में अपने उच्चतम 1.5 करोड़ यूनिट तक पहुंचा

भारत में टीवी का शिपमेंट 2019 में उच्चतम 15 मिलियन (1.5 करोड़) यूनिट तक पहुंचने के लिए सालाना 15% बढ़ा।

भारत में टीवी का शिपमेंट 2019 में उच्चतम 15 मिलियन (1.5 करोड़) यूनिट तक पहुंचने के लिए सालाना 15% बढ़ा।

  • काउंटरपॉइंट की टीवी ट्रैकर सर्विस के लेटेस्ट रिसर्च के अनुसार, भारत में टीवी का शिपमेंट 2019 में उच्चतम 15 मिलियन (1.5 करोड़) यूनिट तक पहुंचने के लिए सालाना 15% बढ़ा। यह वृद्धि मुख्य रूप से बजट स्मार्ट टीवी 32 इंच के टीवी की बदौलत रही।
  • एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की पहली तिमाही में लीडिंग स्मार्टफोन ब्रांड शाओमी ने भारत के स्मार्ट टीवी बाजार में 27 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी हासिल की, उसके बाद एलजी 14 प्रतिशत और सैमसंग 10 प्रतिशत के साथ क्रमश: दूसरे और तीसरे जबकि सोनी 9 फीसदी और टीसीएल 8 फीसदी के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

2. 2021 में 13.6 बिलियन डॉलर (अनुमानित) का हो जाएगा भारतीय टीवी उद्योग

यह अनुमान लगाया गया था कि 2023 तक, डिजिटल टेलीविजन की बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत होगी।

यह अनुमान लगाया गया था कि 2023 तक, डिजिटल टेलीविजन की बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत होगी।

  • भारत के टेलीविजन उद्योग का मूल्य 2021 में 13.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था। 2017 में इसका मूल्य केवल दस बिलियन डॉलर से अधिक था। टेलीविजन देश में कंज्यूमर ड्यूरेबल के ब्राउन सेगमेंट का हिस्सा था। 2018 में टीवी की पहुंच 66 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे सेमी-अर्बन और ग्रामीण क्षेत्रों में विविधता आई, जहां 197 में से 109 टीवी सेट ग्रामीण भारत के थे।
  • यह अनुमान लगाया गया था कि 2023 तक, डिजिटल टेलीविजन की बाजार हिस्सेदारी लगभग 70 प्रतिशत होगी। 2011 में, सरकार ने एक अधिनियम पारित किया जो देश भर में एनालॉग टेलीविजन कनेक्शनों को चार चरणों में डिजिटल टेलीविजन कनेक्शनों में बदल देगा।
  • इनमें से तीन को 2017 तक एग्जिक्यूट किया गया था। केबल कनेक्शन, मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर, डायरेक्ट टू होम (डीटीएच), और हाई-स्पीड इंटरनेट प्रोटोकॉल टेक्नोलॉजी (आईपीटीवी) सहित विभिन्न माध्यमों से टेलीविजन कनेक्शन सुलभ हुआ।
  • 2023 तक भारत में डीटीएच ग्राहकों की संख्या 2013 से लगभग दोगुनी होने का अनुमान है। डिश टीवी, टाटा स्काई, एयरटेल, वोडाफोन और प्रसार भारती के स्वामित्व वाले फ्री डिश बाजार के लिए प्रमुख खिलाड़ी थे। जी एंटरटेनमेंट के स्वामित्व वाली डिश टीवी की डीटीएच खिलाड़ियों में सबसे अधिक बाजार हिस्सेदारी थी।

3. वित्त वर्ष 2020-21 में 1.2 करोड़ यूनिट रहा रेफ्रिजरेटर का प्रोडक्शन वॉल्यूम

ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ते विद्युतीकरण ने उपमहाद्वीप में रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर की अधिक मांग पैदा की।

ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ते विद्युतीकरण ने उपमहाद्वीप में रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर की अधिक मांग पैदा की।

  • रेफ्रिजरेटर का प्रोडक्शन वॉल्यूम वित्त वर्ष 2020 में पूरे भारत में 12 मिलियन (1.2 करोड़) यूनिट से अधिक रहा। दक्षिण एशियाई देशभर में रेफ्रिजरेटर का बाजार मूल्य 3.5 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक था। रेफ्रिजरेटर ने कंज्यूमर अप्लायंसेस बाजार का 27 प्रतिशत हिस्सा बनाया। घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को 2022 तक नौ प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक दर से वृद्धि की उम्मीद थी।
  • ग्रामीण क्षेत्रों के बढ़ते विद्युतीकरण ने उपमहाद्वीप में रेफ्रिजरेटर और एयर कंडीशनर की अधिक मांग पैदा की। वैश्विक औसत की तुलना में भारत में उपभोक्ता वस्तुओं की प्रवेश दर काफी कम थी। ग्रामीण क्षेत्रों में विस्तार और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में 100 प्रतिशत एफडीआई की संभावना के साथ, विदेशी खिलाड़ियों से महत्वपूर्ण निवेश आया। प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए 2019 की शुरुआत में एक राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक नीति भी पारित की गई थी।
  • वित्त वर्ष 2019 में कंज्यूमर ड्यूरेबल्स प्रोडक्शन में पांच प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर देखी गई। हाल ही में एफडीआई नीतियों ने आपूर्ति श्रृंखला से बिचौलियों को समाप्त करके बेहतर गुणवत्ता वाले प्रोडक्ट कम कीमतों पर उपलब्ध कराने की संभावना है।

4. 2026 तक 1698 मिलियन डॉलर का होगा भारतीय वॉशिंग मशीन मार्केट

  • भारत वॉशिंग मशीन मार्केट 2019 में 1267 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया और 2026 तक 1698 मिलियन डॉलर तक पहुंचने के लिए CAGR में 3.7% से अधिक बढ़ने का अनुमान लगाया। बढ़ती डिस्पोजेबल आय और ग्रामीण विद्युतीकरण में सुधार भारतीय वॉशिंग मशीन उद्योग चला रहे हैं।
  • इसके अलावा, वाशिंग मशीनों की बढ़ती फंक्शैनिलिटी और बढ़ते शहरीकरण से देश भर में वॉशिंग मशीनों की मांग में और इजाफा हो रहा है। कपड़े धोने की दुकानों की उपलब्धता और ऑनलाइन लॉन्ड्री सेवाओं में वृद्धि से बाजार के विकास में बाधा उत्पन्न होने का अनुमान है।
  • कमर्शियल लॉन्ड्री मशीनों की बढ़ती मांग से उद्योग के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। कमर्शियल वाशिंग मशीन उद्योग नए समाधानों की शुरूआत के साथ बदलाव का सामना कर रहा है। तेजी से बदलती जीवन शैली स्मार्ट प्रोडक्ट्स के विकास में योगदान दे रही है।
  • मैक्रो-इकॉनोमिक फैक्टर्स जैसे कि डिजिटलाइजेशन, शहरीकरण, बदलते उपभोक्ता खरीद पैटर्न, और उभरती अर्थव्यवस्थाओं में मांग राजस्व वृद्धि को बढ़ा रहे हैं। बिजली और पानी के कुशल उपयोग के लिए टेक्नोलॉजी का उपयोग करने वाली नेक्स्ट जनरेशन वॉशिंग मशीन की की मांग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने का अनुमान है।

कीमत बढ़ी तो आम जनता पर क्या असर पड़ेगा
हालांकि इस समय सैमसंग, शाओमी कंपनियों ने दाम बढ़ाने को लेकर कोई ऐलान नहीं किया है। फिलहाल एलजी, पैनासोनिक और थॉमसन ने ही कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। इन कंपनियों ने भी मोटे तौर पर यह बताया है कि होम अप्लायंसेस की कीमतें 10% तक बढ़ाएंगे। हालांकि मॉडल या कैटेगरी वाइस किस प्रोडक्ट की कीमत कितनी बढ़ाई जाएगी, यह जानने के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा।

एलजी अपनी टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन की कीमत में अधिकतम 8% की वृद्धि करेगी, यानी…

  • एलजी का 889 लीटर फ्रेंच डोर, साइड-बाय-साइड रेफ्रिजरेटर जो वर्तमान में 2,27,990 रुपए का है, बढ़ोतरी के बाद लगभग 18 हजार रुपए तक महंगा हो सकता है।
  • स्मार्ट इनवर्टर कम्प्रेशन के साथ आने वाला 270 लीटर सिंगल डोर रेफ्रिजरेटर, जो वर्तमान में 25390 रुपए का है, 2 हजार रुपए तक महंगा हो सकता है।
  • वॉशिंग मशीन का टॉप एंड मॉडल (T1282WFDSD) जो वर्तमान में 69990 रुपए का है, बढ़ोतरी के बाद लगभग 5500 रुपए ज्यादा महंगा हो सकता है।
  • 15 हजार रुपए का किफायती मॉडल (P8030SGAZ) बढ़ोतरी के बाद 1200 रुपए तक महंगा हो सकता है।
  • एलजी का सबसे सस्ता एलईडी टीवी (24LJ470A) जिसकी कीमत 9990 रुपए है, बढ़ोतरी के बाद 800 रुपए तक महंगा हो सकता है।
  • हाई-एंड एलईडी टीवी मॉडल (43LK5360PTA) जो वर्तमान में 39990 रुपए में उपलब्ध है, बढ़ोतरी के बाद 3200 रुपए तक महंगा हो सकता है।

पैनासोनिक होम अप्लायंसेस की कीमतों में अधिकतम 11% तक की बढ़ोतरी करेगी, यानी..

  • कंपनी की सबसे सस्ती एलईडी टीवी (TH-24G100DX) जो वर्तमान में 10990 रुपए में उपलब्ध है, बढ़ोतरी के बाद 1200 रुपए तक महंगी हो जाएगी।
  • जबकि, 29990 रुपए का हाई-एंड एलईडी टीवी मॉडल TH-43G100DX, बढ़ोतरी के बाद लगभग 3300 रु. तक महंगा हो जाएगा।
  • 1.62 लाख रुपए का टॉप-एंड मल्टी-डोर रेफ्रिजरेटर (NR-D535YG-T) बढ़ोतरी के बाद 17 हजार रुपए तक महंगा हो सकता है।


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