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अमेरिका का चीनी ऐप्स पर बैन: ट्रम्प ने जाने से पहले चीन को दिया झटका, 8 ऐप्स पर लगाया बैन; इनमें वीचैट पे और अलीपे भी शामिल

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नई दिल्ली15 मिनट पहले

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  • ट्रम्प ने ऐप से लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं
  • सभी ऐप्स के खिलाफ लगाया गया प्रतिबंध 45 दिन बाद लागू हो जाएगा

डोनाल्ड ट्रम्प ने अमेरिकी राष्ट्रपति का पद छोड़ने से पहले चीन को एक और झटका दिया है। उन्होंने चीनी कंपनियों के मालिकाना हक वाले 8 ऐप से लेनदेन पर प्रतिबंध लगाने संबंधी कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। जिन ऐप पर प्रतिबंध लगाया गया है, उसमें वीचैट पे (WeChat Pay) और जैक मा के एंट ग्रुप का अलीपे (Alipay) भी शामिल है।

ट्रम्प ने अपने आदेश में कहा कि चीन में बने और वहीं से ऑपरेट होने वाले इन ऐप के चलते राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा है। इसलिए इन ऐप्स पर तत्काल कार्रवाई करना जरूरी है। ट्रम्प ने आदेश पर हस्ताक्षर करने के दौरान भारत के उस फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें उसने 200 से अधिक चीन से जुड़े सॉफ्टवेयर ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया है।

45 दिन बाद बंद हो जाएंगे ऐप
ट्रम्प के आदेश में कहा गया है कि ये सभी ऐप चीन द्वारा बनाए और ऑपरेट किए जा रहे हैं। अलीपे (Alipay), कैमस्कैनर (CamScanner), क्यूक्यूवॉलेट (QQ Wallet), शेयरइट (SHAREit), टेनसेंट क्यूक्यू (Tencent QQ), वीमैट (VMate), वीचैट पे (WeChat Pay) और डब्ल्यूपीएस ऑफिस (WPS Office) के खिलाफ लगाया गया प्रतिबंध 45 दिन बाद प्रभावी होगा।

अगस्त में भी ट्रम्प ने चीनी कंपनी बाइटडांस के मालिकाना हक वाले टिकटॉक और वीचैट एप पर प्रतिबंध लगाया था। हालांकि, बाद में अमेरिकी कोर्ट ने शार्ट वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक पर लगे प्रतिबंध को रोक दिया था।

सॉफ्टवेयर की मदद से चुरा रहे डेटा
कार्यकारी आदेश के अनुसार एक बयान में भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कहा है कि चीनी ऐप उपयोगकर्ताओं के डेटा को अनधिकृत तरीके से सर्वर से चोरी कर रहे थे। संयुक्त राज्य अमेरिका ने आकलन किया है कि कई चीनी कनेक्टेड सॉफ्टवेयर एप्लिकेशन बड़ी संख्या में अमेरिका के लाखों यूजर्स का डेटा प्राप्त कर रही हैं, जिनमें संवेदनशील निजी जानकारी भी शामिल है। इन जानकारियों को चीनी सेना और चीन की कम्युनिस्ट पार्टी को एक्सेस करने की अनुमति होती है।




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